लेटी में पहली बार गैस सिलिंडर लेकर पहुंची गाड़ी

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बागेश्वर के लेटी गांव में गैस के वाहन से सिलिंडर लेते लोग। संवाद न्यूज एजेंसी
– फोटो : BAGESHWAR

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बागेश्वर। जिला मुख्यालय से 12 किमी दूर स्थित गांव लेटी में पहली बार वाहन गैस सिलिंडर लेकर पहुंचा तो ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। अब तक ग्रामीणों को सिलिंडर भरवाने के लिए 150 रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ रहे थे। गांव में ही सिलिंडर पहुंचने से लोगों का धन और समय दोनों ही बचेगा। गैस वाहन गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने गैस सर्विस का आभार जताया है।
रसोई गैस हर घर की जरूरत है लेकिन कई क्षेत्रों में सिलिंडर भरवाने के लिए अब भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। लेटी गांव में चार सौ से अधिक परिवार रहते हैं। अधिकतर ग्रामीण ईंधन के लिए रसोई गैस का प्रयोग करते हैं। गांव तक मोटर मार्ग होने के बावजूद यहां गैस सिलिंडर का वाहन नहीं पहुंचता था। लोगों को सिलिंडर भरवाने के लिए जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ती थी। सिलिंडर भरवाने और आने-जाने का भाड़ा मिलकर उन्हें डेढ़ से दौ सौ रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ रहे थे। सोमवार को पहली बार गांव में गैस सिलिंडर की गाड़ी पहुंची तो ग्रामीण खुश हो गए। ग्राम प्रधान गोविंद सिंह ड्याराकोटी ने गैस सर्विस के प्रबंधक से हर महीने सिलिंडर का वाहन गांव में भेजने की मांग की। ताकि ग्रामीणों को अतिरिक्त खर्च न करना पड़े।
इधर, इण्डेन गैस सर्विस के प्रबंधक प्रकाश पंत ने बताया कि कहा कि मोटर मार्ग से जुड़े सभी गांवों तक गैस सिलिंडर का वाहन भेजने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेटी के अलावा लोब गांव में भी सिलिंडर का वाहन भेजा गया है। अन्य गांवों को भी सीधे सप्लाई से जोड़ने का प्रयास जारी है।

बागेश्वर। जिला मुख्यालय से 12 किमी दूर स्थित गांव लेटी में पहली बार वाहन गैस सिलिंडर लेकर पहुंचा तो ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। अब तक ग्रामीणों को सिलिंडर भरवाने के लिए 150 रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ रहे थे। गांव में ही सिलिंडर पहुंचने से लोगों का धन और समय दोनों ही बचेगा। गैस वाहन गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने गैस सर्विस का आभार जताया है।

रसोई गैस हर घर की जरूरत है लेकिन कई क्षेत्रों में सिलिंडर भरवाने के लिए अब भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। लेटी गांव में चार सौ से अधिक परिवार रहते हैं। अधिकतर ग्रामीण ईंधन के लिए रसोई गैस का प्रयोग करते हैं। गांव तक मोटर मार्ग होने के बावजूद यहां गैस सिलिंडर का वाहन नहीं पहुंचता था। लोगों को सिलिंडर भरवाने के लिए जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ती थी। सिलिंडर भरवाने और आने-जाने का भाड़ा मिलकर उन्हें डेढ़ से दौ सौ रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ रहे थे। सोमवार को पहली बार गांव में गैस सिलिंडर की गाड़ी पहुंची तो ग्रामीण खुश हो गए। ग्राम प्रधान गोविंद सिंह ड्याराकोटी ने गैस सर्विस के प्रबंधक से हर महीने सिलिंडर का वाहन गांव में भेजने की मांग की। ताकि ग्रामीणों को अतिरिक्त खर्च न करना पड़े।

इधर, इण्डेन गैस सर्विस के प्रबंधक प्रकाश पंत ने बताया कि कहा कि मोटर मार्ग से जुड़े सभी गांवों तक गैस सिलिंडर का वाहन भेजने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेटी के अलावा लोब गांव में भी सिलिंडर का वाहन भेजा गया है। अन्य गांवों को भी सीधे सप्लाई से जोड़ने का प्रयास जारी है।



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