जिला पंचायत सदस्यों को प्रधान संगठन का समर्थन

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बागेश्वर जिला पंचायत परिसर में धरने पर बैठे उपाध्यक्ष और सदस्य योगाभ्यास करते हुए। संवाद न्यूज ?
– फोटो : BAGESHWAR

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बागेश्वर। जिला पंचायत में व्याप्त अनियमितताओं को लेकर जिपं उपाध्यक्ष नवीन परिहार और आठ सदस्यों का धरना सोमवार को भी जारी रहा। सदस्यों ने धरने के दौरान योग भी किया। इन लोगों ने मांगों पर कार्रवाई न होने पर क्रमिक अनशन और आमरण अनशन पर बैठने की चेतावनी दी है। आंदोलन को ग्राम प्रधान संगठन ने समर्थन दिया है।
सोमवार को जिपं उपाध्यक्ष नवीन परिहार के नेतृत्व में जिपं सदस्य हरीश ऐठानी, सुरेंद्र खेतवाल, गोपा धपोला, पूजा आर्या, वंदना ऐठानी, रूपा कोरंगा, इंदिरा परिहार, रेखा देवी जिपं परिसर में धरने पर बैठे। उनका कहना था कि जिला पंचायत में घोर अनियमितताएं हैं। बगैर किसी नियम के विवेकाधीन कोष के नाम पर 55 फीसदी बजट पर कुंडली मारी जा रही है। पदों से अधिक कार्मिकों की तैनाती की गई है। जिला पंचायत के चालकों से काम नहीं लिया जा रहा है। जिपं अध्यक्ष और जिपं के अपर मुख्य अधिकारी का वाहन संविदा पर तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी चला रहे हैं। घोर अनियमितताओं के बाद भी शासन, प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। कहा कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलन को ग्रामन प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष भुवन सिंह ऐठानी ने समर्थन दिया। वह धरने पर बैठे। धरने के दौरान उपाध्यक्ष और सदस्यों ने योग भी किया।
चालक बोले- वह बीमार नहीं स्वस्थ हैं
बागेश्वर। जिला पंचायत की अनियमितताएं आजकल सुर्खियों में बनी हुई हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष के साथ ही अपर मुख्य अधिकारी (एएमए) के चालकों से वाहन न चलवाकर संविदा पर कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से वाहन चलवाए जा रहे हैं। बीते शनिवार को जिपं अध्यक्ष से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कैमरे के सामने चालकों के बीमार होने की बात कहते हुए बताया कि संविदा पर तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी वाहन चलाना जानते हैं, इसलिए उनसे वाहन चलवाए जा रहे हैं। सोमवार को मीडिया से रूबरू जिपं अध्यक्ष के चालक हिम्मत सिंह और एएमए के चालक कैलाश चौबे ने कहा कि वह लोग बीमार नहीं हैं। वाहन चलाने में सक्षम हैं। वाहन चलाना चाहते हैं लेकिन उनसे काम नहीं लिया जा रहा है। वह रोज सुबह नियत समय पर जिपं कार्यालय पहुंच जाते हैं। चालकों के बयानों से जिपं की कार्यप्रणाली एक बार फिर से संदेह के घेरे में आ गई है।
जिपं अध्यक्ष के वाहन चालक हिम्मत सिंह की आंखों में दिक्कत है। इस वजह से उनसे वाहन नहीं चलवाया जा रहा है। मेरे वाहन चालक का व्यवहार सही नहीं है। एक बार वाहन चलाने से मना कर दिया। एक बार डाक लेने से मना कर दिया। इस पर स्पष्टीकरण भी मांगा गया। इस वजह से उससे काम नहीं लिया जा रहा है। जिपं अध्यक्ष का वाहन चला रहे चतुर्थ श्रेणी कर्मी को वित्तीय परामर्श के बाद चालक के भत्ते दिए जा रहे हैं। उनका (एएमए) का वाहन चला रहे चतुर्थ श्रेणी कर्मी को भत्ता नहीं दिया जाता। – डॉ. सुनील कुमार एएमए जिपं बागेश्वर

बागेश्वर। जिला पंचायत में व्याप्त अनियमितताओं को लेकर जिपं उपाध्यक्ष नवीन परिहार और आठ सदस्यों का धरना सोमवार को भी जारी रहा। सदस्यों ने धरने के दौरान योग भी किया। इन लोगों ने मांगों पर कार्रवाई न होने पर क्रमिक अनशन और आमरण अनशन पर बैठने की चेतावनी दी है। आंदोलन को ग्राम प्रधान संगठन ने समर्थन दिया है।

सोमवार को जिपं उपाध्यक्ष नवीन परिहार के नेतृत्व में जिपं सदस्य हरीश ऐठानी, सुरेंद्र खेतवाल, गोपा धपोला, पूजा आर्या, वंदना ऐठानी, रूपा कोरंगा, इंदिरा परिहार, रेखा देवी जिपं परिसर में धरने पर बैठे। उनका कहना था कि जिला पंचायत में घोर अनियमितताएं हैं। बगैर किसी नियम के विवेकाधीन कोष के नाम पर 55 फीसदी बजट पर कुंडली मारी जा रही है। पदों से अधिक कार्मिकों की तैनाती की गई है। जिला पंचायत के चालकों से काम नहीं लिया जा रहा है। जिपं अध्यक्ष और जिपं के अपर मुख्य अधिकारी का वाहन संविदा पर तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी चला रहे हैं। घोर अनियमितताओं के बाद भी शासन, प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। कहा कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलन को ग्रामन प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष भुवन सिंह ऐठानी ने समर्थन दिया। वह धरने पर बैठे। धरने के दौरान उपाध्यक्ष और सदस्यों ने योग भी किया।

चालक बोले- वह बीमार नहीं स्वस्थ हैं

बागेश्वर। जिला पंचायत की अनियमितताएं आजकल सुर्खियों में बनी हुई हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष के साथ ही अपर मुख्य अधिकारी (एएमए) के चालकों से वाहन न चलवाकर संविदा पर कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से वाहन चलवाए जा रहे हैं। बीते शनिवार को जिपं अध्यक्ष से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कैमरे के सामने चालकों के बीमार होने की बात कहते हुए बताया कि संविदा पर तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी वाहन चलाना जानते हैं, इसलिए उनसे वाहन चलवाए जा रहे हैं। सोमवार को मीडिया से रूबरू जिपं अध्यक्ष के चालक हिम्मत सिंह और एएमए के चालक कैलाश चौबे ने कहा कि वह लोग बीमार नहीं हैं। वाहन चलाने में सक्षम हैं। वाहन चलाना चाहते हैं लेकिन उनसे काम नहीं लिया जा रहा है। वह रोज सुबह नियत समय पर जिपं कार्यालय पहुंच जाते हैं। चालकों के बयानों से जिपं की कार्यप्रणाली एक बार फिर से संदेह के घेरे में आ गई है।

जिपं अध्यक्ष के वाहन चालक हिम्मत सिंह की आंखों में दिक्कत है। इस वजह से उनसे वाहन नहीं चलवाया जा रहा है। मेरे वाहन चालक का व्यवहार सही नहीं है। एक बार वाहन चलाने से मना कर दिया। एक बार डाक लेने से मना कर दिया। इस पर स्पष्टीकरण भी मांगा गया। इस वजह से उससे काम नहीं लिया जा रहा है। जिपं अध्यक्ष का वाहन चला रहे चतुर्थ श्रेणी कर्मी को वित्तीय परामर्श के बाद चालक के भत्ते दिए जा रहे हैं। उनका (एएमए) का वाहन चला रहे चतुर्थ श्रेणी कर्मी को भत्ता नहीं दिया जाता। – डॉ. सुनील कुमार एएमए जिपं बागेश्वर



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