हरिद्वार में बारिश: शहर से देहात तक आफत, नाले और रपटे उफनाने से कटा गांवों का संपर्क, बैराज के गेट खोले

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सार

भगत सिंह चौक और ज्वालापुर अंडर पास में पानी भरने से पुलिस को बैरियर लगाकर यातायात डायवर्ट करना पड़ा।
 

हरिद्वार में बारिश
– फोटो : अमर उजाला

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बुधवार तड़के से सुबह नौ बजे तक हुई मूसलाधार बारिश से शहर से लेकर देहात तक जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। जगह-जगह पानी भरने से वाहनों के साथ पैदल आवाजाही बंद हो गई। शहर में नाले चोक होने से बारिश का पानी सड़कों पर बहता रहा। कई कालोनियों में घर और दुकानों में पानी भर गया। भगत सिंह चौक और ज्वालापुर अंडर पास में पानी भरने से पुलिस को बैरियर लगाकर यातायात डायवर्ट करना पड़ा।

भीमगोड़ा बैराज का जलस्तर बढ़ने पर सभी गेट खोल दिए गए। बाढ़ चौकियों को अलर्ट जारी कर गंगा किनारे बसी आबादी में मुनादी करानी पड़ी। ज्वालापुर में एक घर की दीवार ढह गई। 65 वर्षीय शांति देवी मलबे की चपेट में आने से घायल हो गई। पुलिस ने वृद्धा को अस्पताल में भर्ती कराया।

मंगलवार देर रात तक शहर से देहात तक उमसभरा मौसम था। आधी रात के बाद आसमान में बादल घिरने शुरू हुए और तड़के से बारिश शुरू हो गई। सुबह नौ बजे तक मूसलाधार बारिश होती रही। सुबह लोगाें की नींद खुली तो शहर की मुख्य सड़कों के साथ कई कालोनियों में पानी भरा था। बरसाती नालों का पानी सड़कों पर भर गया।

रानीपुर मोड़ से भेल शिवालिक नगर मार्ग पर भगत सिंह चौक के अंडर पास में एक लेन में चार फीट तक पानी भर गया। इससे पुलिस को चंद्राचार्य चौक पर बैरियर लगाकर शिवालिक नगर को जाने वाले वाहनों का डायवर्जन किया। ज्वालापुर रेलवे फाटक के निकट बने अंडर पास में भी पानी भरने से यातायात ठप रहा। कनखल, लाटोवाली पुलिया, गणेशपुरम, श्रीचंद्रकालोनी, जगजीतपुर, रावली महदूदपुर गांव, जमालपुर समेत ग्रामीण इलाकों में जलभराव हुआ। 

भीमगोड़ा बैराज के गेट खोले
पहाड़ी इलाकों में हुई बारिश से गंगा भी उफान पर रही। भीमगोड़ा बैराज का जलस्तर 293.05 मीटर पहुंच गया। जबकि खतरे का निशान 293 मीटर है। बैराज की क्षमता 294 मीटर की है। 293 मीटर से अधिक जलस्तर पहुंचने पर अलर्ट जारी करते हुए बैराज के गेट खोले गए। सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट जारी किया गया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा कैंतुरा के मुताबिक मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए हरिद्वार और लक्सर तहसील के तटीय इलाकों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। गंगा के किनारे बसे लोगों से सुरक्षित इलाकों में जाने के लिए मुनादी कराई गई है। बहादाराबाद ऋतु आलोकशाला के शोध पर्यवेक्षक नरेंद्र रावत के मुताबिक बुधवार को 16 एमएम बारिश रिकार्ड हुई है। इससे अधिकतम तापमान 32 और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। 

बारिश से ग्रामीण इलाकों को जोड़ने वाले संपर्क मार्गों पर पड़ने वाले नालों और रपटे उफान पर रहे। इससे गांवों के लिए घटों तक आवाजाही बंद रही। कोई दुर्घटना न हो इसके लिए रपटों के दोनों छोर पर पुलिस तैनात करनी पड़ी। 

चीला-ऋषिकेश मार्ग के रपटे में पानी आने से करीब दो घंटे यातायात बाधित रहा। इससे दोनों तरफ सैकड़ों लोग फंसे रहे। कई लोगों को लौटना पड़ा। पथरी क्षेत्र के दीनारपुर से सराय मार्ग पर पथरी रोह नदी पर एक्कड़ कला गांव के निकट रपटा भी उफान पर था। पथरी से बहादराबाद मार्ग पर पड़ने वाला सुखरासा रपटे में भी पानी आने से लोगों को दिक्कतें उठानी पड़ी।

लालढांग नहर भी उफान पर रही। पानी बढ़ने से अय्यूब के धान के खेतों और घरों में पानी भर गया। राजवीर सिंह बिष्ट का घर और खेत भी जलमग्न हो गए। डालूपुरी नाले के उफान से कई लोगों के घरों में पानी घुस गया। रवासन नदी के उफान के चलते नदी में कटाव को रोकने के लिए बनाई पिचिंग तेज बहाब में बह गई। जिससे नदी गांव की ओर कटाव करने लगी हैं। लालढांग से चिल्लरखाल कच्चे मार्ग पर पड़ने वाले नालों और रपटों में भी पानी का बहाव अधिक होने से आवागमन बंद रहा। 

जेसीबी से खोदाई करके निकाला पानी 
 लालढांग क्षेत्र के कई गांव पानी से घिर गए। सैकड़ों बीघा खेती जलमग्न हो गई। घरों में पानी घुसने पर ग्रामीणों ने जेसीबी से खोदाई करवाई और पानी निकाला। दोपहर बाद जलस्तर कम होने से ग्रामीणों ने राहत ली। कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने गैंडीखाता खदरी में जलभराव क्षेत्र का जायजा लिया। 

ग्रामीण सत्यपाल, परमजीत सिंह, नरेश कुमार, भगवान रावत, सरोप सिंह, आजाद पोखरियाल, विरेंद्र सिंह ने बताया कि हरिद्वार-नजीबाबाद हाईवे में निर्माण के दौरान गांव के बरसाती पानी की निकासी बंद कर दी गई। जिसके बाद बारिश होने पर गांव में जलभराव हो रहा है। गैंडीखाता पंचायत के खदरी गांव में करीब एक हजार बीघा कृषि भूमि में पानी भर गया। सैकड़ों परिवारों को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ा। 

विस्तार

बुधवार तड़के से सुबह नौ बजे तक हुई मूसलाधार बारिश से शहर से लेकर देहात तक जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। जगह-जगह पानी भरने से वाहनों के साथ पैदल आवाजाही बंद हो गई। शहर में नाले चोक होने से बारिश का पानी सड़कों पर बहता रहा। कई कालोनियों में घर और दुकानों में पानी भर गया। भगत सिंह चौक और ज्वालापुर अंडर पास में पानी भरने से पुलिस को बैरियर लगाकर यातायात डायवर्ट करना पड़ा।

भीमगोड़ा बैराज का जलस्तर बढ़ने पर सभी गेट खोल दिए गए। बाढ़ चौकियों को अलर्ट जारी कर गंगा किनारे बसी आबादी में मुनादी करानी पड़ी। ज्वालापुर में एक घर की दीवार ढह गई। 65 वर्षीय शांति देवी मलबे की चपेट में आने से घायल हो गई। पुलिस ने वृद्धा को अस्पताल में भर्ती कराया।

मंगलवार देर रात तक शहर से देहात तक उमसभरा मौसम था। आधी रात के बाद आसमान में बादल घिरने शुरू हुए और तड़के से बारिश शुरू हो गई। सुबह नौ बजे तक मूसलाधार बारिश होती रही। सुबह लोगाें की नींद खुली तो शहर की मुख्य सड़कों के साथ कई कालोनियों में पानी भरा था। बरसाती नालों का पानी सड़कों पर भर गया।

रानीपुर मोड़ से भेल शिवालिक नगर मार्ग पर भगत सिंह चौक के अंडर पास में एक लेन में चार फीट तक पानी भर गया। इससे पुलिस को चंद्राचार्य चौक पर बैरियर लगाकर शिवालिक नगर को जाने वाले वाहनों का डायवर्जन किया। ज्वालापुर रेलवे फाटक के निकट बने अंडर पास में भी पानी भरने से यातायात ठप रहा। कनखल, लाटोवाली पुलिया, गणेशपुरम, श्रीचंद्रकालोनी, जगजीतपुर, रावली महदूदपुर गांव, जमालपुर समेत ग्रामीण इलाकों में जलभराव हुआ। 

भीमगोड़ा बैराज के गेट खोले

पहाड़ी इलाकों में हुई बारिश से गंगा भी उफान पर रही। भीमगोड़ा बैराज का जलस्तर 293.05 मीटर पहुंच गया। जबकि खतरे का निशान 293 मीटर है। बैराज की क्षमता 294 मीटर की है। 293 मीटर से अधिक जलस्तर पहुंचने पर अलर्ट जारी करते हुए बैराज के गेट खोले गए। सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट जारी किया गया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा कैंतुरा के मुताबिक मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए हरिद्वार और लक्सर तहसील के तटीय इलाकों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। गंगा के किनारे बसे लोगों से सुरक्षित इलाकों में जाने के लिए मुनादी कराई गई है। बहादाराबाद ऋतु आलोकशाला के शोध पर्यवेक्षक नरेंद्र रावत के मुताबिक बुधवार को 16 एमएम बारिश रिकार्ड हुई है। इससे अधिकतम तापमान 32 और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। 


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नाले और रपटे उफनाने से कटा गांवों का संपर्क 



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