बदरीनाथ हाईवे: …कहीं रेल सुरंग के विस्फोट तो नहीं भूस्खलन की वजह, लोनिवि ने जताई आशंका

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर(पौड़ी)
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 29 Jul 2021 10:18 PM IST

बदरीनाथ हाईवे पर टूटी चट्टान
– फोटो : अमर उजाला

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ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलमार्ग सुरंग निर्माण के लिए विस्फोटकों के इस्तेमाल से बदरीनाथ हाईवे पर चमधार में भूस्खलन की आशंका जताई जा रही है। लोनिवि एनएच खंड ने इस संबंध में प्रशासन को अवगत कराया है। साथ ही आरवीएनएल से पीडब्लूडी विस्फोट की एनओसी निरस्त करने पर विचार कर रहा है। वहीं, प्रशासन का कहना है कि पुष्टि के लिए भूगर्भीय सर्वेक्षण कराया जाएगा। 

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श्रीनगर से करीब सात किलोमीटर दूर चमधार पुल के दोनों ओर भूस्खलन से बार-बार यातायात अवरुद्ध हो रहा है। फरासू और चमधार के बीच हाईवे की स्थिति बहुत खराब हो गई है। यहां पुश्ता ढह गया है। लगभग 500 मीटर ऊपर तक भूस्खलन होने से बोल्डर गिर रहे हैं।

लोनिवि एनएच खंड के सहायक अभियंता राजीव शर्मा ने बताया कि ग्रामीणों का कहना है कि रात के वक्त सुरंग के लिए विस्फोट किए जा रहे हैं। इससे सड़क में भूस्खलन हो रहा है। पूर्व में आरवीएनएल को शर्तों के साथ विस्फोट करने की एनओसी दी गई थी। यदि ऐसा ही होता रहा, तो एनओसी निरस्त कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में आरवीएनएल को पत्र भेजा जा रहा है।

चमधार में नहीं खुला बदरीनाथ हाईवे
फरासू-चमधार के बीच दो दिन से बंद बदरीनाथ हाईवे बृहस्पतिवार को भी नहीं खुल पाया। कार्यदायी संस्था पीडब्लूडी राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के अनुसार, रात तक सड़क के खुलने की संभावना है। बदरीनाथ हाईवे चमधार-फरासू के बीच मंगलवार शाम साढ़े छह बजे से मलबा आने से बंद है, जिसके चलते श्रीनगर-रुद्रप्रयाग के बीच वैकल्पिक मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्ट है। पीडब्लूडी यहां रोजाना मलबा हटाने के लिए मशीन लगाता है, लेकिन पहाड़ी से फिर मलबा आ जाता है।

ऐसे में यहां काम करना खतरनाक हो गया है। बुधवार शाम को यहां मलबा हटा रही एक पोकलैंड पर पत्थर गिर गए, जिससे कुछ देर मार्ग खोलने का काम बाधित रहा। पीडब्लूडी के अधिशासी अभियंता बीआर मिश्र ने बताया कि यहां दोनों ओर मलबा हटाने के लिए मशीनें लगाई गई हैं। रात तक सड़क खुलने की उम्मीद है। 

लोनिवि के ईई ने पत्र भेजकर अवगत कराया है कि सुरंग के लिए विस्फोटकों का प्रयोग करने से भूस्खलन होने की आशंका है। इसलिए क्षेत्र का भूगर्भीय सर्वेक्षण करवाया जाएगा। 
– रविंद्र बिष्ट, एसडीएम श्रीनगर

जिस स्थान पर भूस्खलन हो रहा है, वह स्थान कार्यस्थल से काफी दूर है। सुरंग निर्माण की वजह से हाईवे को नुकसान नहीं पहुंच रहा है। 
-पीपी बडोगा, डीजीएम आरवीएनएल

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलमार्ग सुरंग निर्माण के लिए विस्फोटकों के इस्तेमाल से बदरीनाथ हाईवे पर चमधार में भूस्खलन की आशंका जताई जा रही है। लोनिवि एनएच खंड ने इस संबंध में प्रशासन को अवगत कराया है। साथ ही आरवीएनएल से पीडब्लूडी विस्फोट की एनओसी निरस्त करने पर विचार कर रहा है। वहीं, प्रशासन का कहना है कि पुष्टि के लिए भूगर्भीय सर्वेक्षण कराया जाएगा। 

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श्रीनगर से करीब सात किलोमीटर दूर चमधार पुल के दोनों ओर भूस्खलन से बार-बार यातायात अवरुद्ध हो रहा है। फरासू और चमधार के बीच हाईवे की स्थिति बहुत खराब हो गई है। यहां पुश्ता ढह गया है। लगभग 500 मीटर ऊपर तक भूस्खलन होने से बोल्डर गिर रहे हैं।

लोनिवि एनएच खंड के सहायक अभियंता राजीव शर्मा ने बताया कि ग्रामीणों का कहना है कि रात के वक्त सुरंग के लिए विस्फोट किए जा रहे हैं। इससे सड़क में भूस्खलन हो रहा है। पूर्व में आरवीएनएल को शर्तों के साथ विस्फोट करने की एनओसी दी गई थी। यदि ऐसा ही होता रहा, तो एनओसी निरस्त कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में आरवीएनएल को पत्र भेजा जा रहा है।

चमधार में नहीं खुला बदरीनाथ हाईवे

फरासू-चमधार के बीच दो दिन से बंद बदरीनाथ हाईवे बृहस्पतिवार को भी नहीं खुल पाया। कार्यदायी संस्था पीडब्लूडी राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के अनुसार, रात तक सड़क के खुलने की संभावना है। बदरीनाथ हाईवे चमधार-फरासू के बीच मंगलवार शाम साढ़े छह बजे से मलबा आने से बंद है, जिसके चलते श्रीनगर-रुद्रप्रयाग के बीच वैकल्पिक मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्ट है। पीडब्लूडी यहां रोजाना मलबा हटाने के लिए मशीन लगाता है, लेकिन पहाड़ी से फिर मलबा आ जाता है।

ऐसे में यहां काम करना खतरनाक हो गया है। बुधवार शाम को यहां मलबा हटा रही एक पोकलैंड पर पत्थर गिर गए, जिससे कुछ देर मार्ग खोलने का काम बाधित रहा। पीडब्लूडी के अधिशासी अभियंता बीआर मिश्र ने बताया कि यहां दोनों ओर मलबा हटाने के लिए मशीनें लगाई गई हैं। रात तक सड़क खुलने की उम्मीद है। 

लोनिवि के ईई ने पत्र भेजकर अवगत कराया है कि सुरंग के लिए विस्फोटकों का प्रयोग करने से भूस्खलन होने की आशंका है। इसलिए क्षेत्र का भूगर्भीय सर्वेक्षण करवाया जाएगा। 

– रविंद्र बिष्ट, एसडीएम श्रीनगर

जिस स्थान पर भूस्खलन हो रहा है, वह स्थान कार्यस्थल से काफी दूर है। सुरंग निर्माण की वजह से हाईवे को नुकसान नहीं पहुंच रहा है। 

-पीपी बडोगा, डीजीएम आरवीएनएल



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