यूपीसीडा के चीफ इंजीनियर की भ्रष्टाचार में आठ साल बाद गिरफ्तारी, 2.11 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

Updated Tue, 27 Oct 2020 06:34 PM IST

यूपीसीडा के चीफ इंजीनियर अरुण मिश्रा गिरफ्तार
– फोटो : अमर उजाला

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भ्रष्टाचार के मामले में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के चीफ इंजीनियर अरुण कुमार मिश्रा को चकेरी पुलिस ने मंगलवार को रामादेवी चौराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी आठ साल पुराने मामले में हुई है। अरुण पर सड़क निर्माण में 2.11 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है।

पुलिस ने दोपहर बाद भ्रष्टाचार निवारण लखनऊ कोर्ट में आरोपी को पेश किया। एसपी पूर्वी राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि चकेरी से पाली रोड का निर्माण यूपीसीडा ने कराने का दावा किया था। विभागीय जांच में पता चला था कि केवल कागजों पर सड़क बनाकर शासन से 2.11 करोड़ रुपये पास करा लिए गए। 2012 में यूपीसीडा के संजय तिवारी ने चकेरी थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

 

केस की जांच सीओ कैंट सत्यजीत गुप्ता कर रहे थे। शासन से मंजूरी मिलने के बाद मंगलवार को सीओ कैंट की नेतृत्व में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद कागजी कार्रवाई पूरी की और फिर उसे लेकर टीम लखनऊ चली गई। पुलिस ने विभागीय जांच को आधार बनाया है। इसमें टेंडर देने से लेकर सड़क निर्माण संबंधी अन्य अहम दस्तावेज शामिल हैं। पुलिस ने कोर्ट में भी इन सभी दस्तावेजों को सुबूत के तौर पर पेश किया है। 

विवेचना में शामिल हुआ था अरुण का नाम

एसपी पूर्वी ने बताया कि शुरुआत में यूपीसीडा के रिटायर्ड अधिशासी अभियंता अजीत सिंह, एई नागेंद्र सिंह, इंजीनियर एसके वर्मा और ठेकेदार सतीश अग्रवाल के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। जांच में पता चला था कि चीफ इंजीनियर अरुण कुमार मिश्रा ने इन सभी लोगों के साथ मिलकर पूरा खेल किया है। प्रोजेक्ट की अनुमति से लेकर अन्य कागजी कार्यवाही अरुण ने ही कराई थी। इसके बाद अरुण को भी आरोपी बनाया गया था। 

दो के खिलाफ चार्जशीट, दो ले चुके हैं अरेस्ट स्टे

एसपी ने बताया कि आरोपी नागेंद्र और एसके वर्मा के खिलाफ चार्जशीट लगाई जा चुकी है। अन्य दो आरोपी अजीत और सतीश अरेस्ट स्टे ले चुके हैं। लिहाजा अब अरुण समेत तीनों के खिलाफ दो दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल की जाएगी। एसपी पूर्वी ने बताया कि चार आरोपी सरकारी कर्मचारी हैं। इसलिए जांच पूरी कर आगे की कार्रवाई की अनुमति शासन से मांगी गई थी। साफ है कि शासन की मंजूरी मिलने में काफी समय लगा, इसलिए गिरफ्तारी भी देरी से हुई।

भ्रष्टाचार के मामले में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के चीफ इंजीनियर अरुण कुमार मिश्रा को चकेरी पुलिस ने मंगलवार को रामादेवी चौराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी आठ साल पुराने मामले में हुई है। अरुण पर सड़क निर्माण में 2.11 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है।

पुलिस ने दोपहर बाद भ्रष्टाचार निवारण लखनऊ कोर्ट में आरोपी को पेश किया। एसपी पूर्वी राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि चकेरी से पाली रोड का निर्माण यूपीसीडा ने कराने का दावा किया था। विभागीय जांच में पता चला था कि केवल कागजों पर सड़क बनाकर शासन से 2.11 करोड़ रुपये पास करा लिए गए। 2012 में यूपीसीडा के संजय तिवारी ने चकेरी थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

 



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