महाकुंभ 2021 : भविष्य में आस्था लेगी व्यवस्था की परीक्षा, कुंभ से जुड़े निर्माण कार्य हुए तेज

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आगामी 2021 कुंभ के आयोजन के लिए मेला प्रशासन पूरी तरह तैयारियों में जुटा है। कुंभ से जुड़े विकास कार्यों को युद्ध स्तर पर कराया जा रहा है। 31 दिसंबर तक कार्य पूरे हो जाएंगे। कुंभ के दौरान पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए 13 अखाड़ों में जन सुविधाओं के विस्तार को आवंटित एक-एक करोड़ रुपये में 40 फीसदी जारी हो गई है।

इससे अखाड़ों में जनसुविधा विस्तार की प्रक्रिया के साथ अखाड़ों के टेंट के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। अभी तक की परिस्थितियों में महाकुंभ दिव्य और भव्य होगा। भविष्य में कोरोना के मामले बढ़ने पर सरकार की गाइड लाइन के अनुसार आयोजन होगा।

मेला अधिकारी दीपक रावत ने बातचीत में बताया कि गंगा घाटों के सौंदर्यीकरण, कांवड पट्टी मार्ग का चौड़ीकरण, सीसीआर क्षेत्र में श्रद्धालुओं को आकर्षित करने के लिए गार्डन, मुख्य हाईवे से लेकर कांवड पट्टी मार्गों पर वॉल पेंटिंग एवं दीवारों पर उत्तराखंड की संस्कृतिक एवं धार्मिक आस्था से जुड़ी आकर्षक कला कृतियां बनाई जा रही हैं।

कई दीवारों पर रामायण लिखी जा रही है। मेला क्षेत्र के भवनों को एक रंग में रंगा जा रहा है। सभी प्रमुख चौराहों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। आस्था पथ तैयार हो रहा है। जो चंडी पुल से दीनदयाल पार्किंग को जोड़ेगा। ओपन थियेटर बनाए जा रहे हैं, जहां महाकुंभ के खुले में कार्यक्रम होंगे।

दीपक रावत ने बताया कि मेला प्रशासन 31 दिसंबर तक सभी कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य के साथ काम हो रहा है। कई बड़े प्रोजेक्टों पर मैनपावर बढ़ा दी गई है। उन्होंने बताया कि कोविड 19 की मौजूदा परिस्थितियों के चलते पिछले कुंभ की तर्ज पर इस बार श्रद्धालुओं की भीड़ भले ही कम हो, लेकिन कुंभ की भव्यता में कोई कमी नहीं होगी।

उन्होंने बताया कि भविष्य में कोविड 19 की क्या परिस्थितियां बनती हैं सरकार उसी हिसाब से गाइड लाइन जारी करेगी। सरकार की गाइड लाइन का पालन कराया जाएगा।

मेला पुलिस के आईजी संजय गुंज्याल के मुताबिक पुलिस भी कुंभ के आयोजन को लेकर पूरी तरह तैयार है। कोविड की मौजूदा परिस्थितियों रही तो कुंभ में सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क की अनिवार्यता का पालन कराने के साथ कांटेक्ट ट्रेसिंग बढ़ाई जाएगी।

 मौजूदा पस्थितियों के हिसाब से कुंभ दिव्य और भव्य होगा। मेला प्रशासन तैयारियों में जुटा है। कुंभ नजदीक आने तक कोविड 19 का खतरा बढ़ता है तो सरकार की जो गाइड लाइन जारी होंगी उसका पालन किया जाएगा। 
– दीपक रावत, मेला अधिकारी

 पुलिस तैैयार है। 29 थाने और 29 सेक्टर स्थापित किए जाएंगे। मुख्यालय स्तर से ड्यूटी आवंटन की प्रक्त्रिस्या शुरू हो गई है। सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क की अनिवार्यता के साथ कांटेक्ट ट्रैसिंग बढ़ाई जाएगी। 
– संजय गुंज्याल, आईजी मेला

आगामी 2021 कुंभ के आयोजन के लिए मेला प्रशासन पूरी तरह तैयारियों में जुटा है। कुंभ से जुड़े विकास कार्यों को युद्ध स्तर पर कराया जा रहा है। 31 दिसंबर तक कार्य पूरे हो जाएंगे। कुंभ के दौरान पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए 13 अखाड़ों में जन सुविधाओं के विस्तार को आवंटित एक-एक करोड़ रुपये में 40 फीसदी जारी हो गई है।

इससे अखाड़ों में जनसुविधा विस्तार की प्रक्रिया के साथ अखाड़ों के टेंट के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। अभी तक की परिस्थितियों में महाकुंभ दिव्य और भव्य होगा। भविष्य में कोरोना के मामले बढ़ने पर सरकार की गाइड लाइन के अनुसार आयोजन होगा।

मेला अधिकारी दीपक रावत ने बातचीत में बताया कि गंगा घाटों के सौंदर्यीकरण, कांवड पट्टी मार्ग का चौड़ीकरण, सीसीआर क्षेत्र में श्रद्धालुओं को आकर्षित करने के लिए गार्डन, मुख्य हाईवे से लेकर कांवड पट्टी मार्गों पर वॉल पेंटिंग एवं दीवारों पर उत्तराखंड की संस्कृतिक एवं धार्मिक आस्था से जुड़ी आकर्षक कला कृतियां बनाई जा रही हैं।

कई दीवारों पर रामायण लिखी जा रही है। मेला क्षेत्र के भवनों को एक रंग में रंगा जा रहा है। सभी प्रमुख चौराहों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। आस्था पथ तैयार हो रहा है। जो चंडी पुल से दीनदयाल पार्किंग को जोड़ेगा। ओपन थियेटर बनाए जा रहे हैं, जहां महाकुंभ के खुले में कार्यक्रम होंगे।


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31 दिसंबर तक सभी कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य



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