Haridwar Kumbh Mela 2021 : कुंभ के सीमित होने की संभावना से व्यापारी मायूस

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लॉकडाउन के बाद कुंभ के भव्य आयोजन को लेकर व्यापारियों को काफी उम्मीदें थीं। क्योंकि, कुंभ मेला केवल हरिद्वार के व्यापारियों या लोगों के लिए फायदेमंद नहीं होता, बल्कि यह मेला पूरे उत्तराखंड को आर्थिक रूप से मजबूत करने में सहायक होता है।

यहां आने वाले तीर्थयात्री और पर्यटक हरिद्वार तक ही सीमित नहीं रहते। बल्कि, वह उत्तराखंड के अन्य स्थानों का भी भ्रमण करते हैं, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से जारी एसओपी के बाद कुंभ के भव्य आयोजन को लेकर संशय बन गया है। इसके कारण प्रदेश के व्यापारी मायूस हैं। 

कोविड-19 के बाद से व्यापारियों की आर्थिक हालत सुधरने का नाम नहीं ले रही है। कुंभ के आयोजन से व्यापारी वर्ग को काफी उम्मीदें थी, लेकिन केंद्र सरकार ने जो एसओपी जारी की है, उससे कुंभ के भव्य होने की संभावना कम ही लग रही है। इससे व्यापारी वर्ग को काफी बड़ा नुकसान होगा। 
– नवीन चंद्र वर्मा, अध्यक्ष, प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल 

एसओपी से कुंभ के भव्य होने की संभावना कम ही है। यह आयोजन अगर पहले जैसा होता तो इसका असर पूरे उत्तराखंड पर दिखता, लेकिन अब इसमें पहले की अपेक्षा कम तीर्थयात्री और पर्यटक आने की संभावना है। वैसे भी एसओपी का पालन जरूरी है। अगर जान रहेगी तो व्यापार तो आगे भी होता रहेगा। 
– राजेश अग्रवाल, प्रदेश संयुक्त महामंत्री, प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल

कुंभ न केवल हरिद्वार बल्कि पूरे उत्तराखंड को प्रभावित करता है। यहां आने वाला तीर्थयात्री उत्तराखंड में कई जगह जाता है। इससे आर्थिक रूप से पूरे उत्तराखंड को फायदा होता है। हजारों लोगों को रोजगार मिलता है, लेकिन कड़े नियमों से अब केवल तीर्थयात्री हरिद्वार तक ही सीमित रह सकता है। 
– पंकज मैसोन, अध्यक्ष, दून वैली महानगर उद्योग व्यापार मंडल 

उत्तराखंड की आर्थिकी पूरी तरह से पर्यटन, जिसमें तीर्थाटन शामिल है, उस पर टिकी हुई है। इसलिए कुंभ का आयोजन सीमित होने का मतलब है कि पूरे उत्तराखंड की आर्थिक स्थिति पर विपरीत प्रभाव। क्योंकि, कुंभ मेले के दौरान लाखों लोगों को रोजगार प्राप्त होता है। इससे होटल कारोबार तो प्रभावित होगा ही, बल्कि व्यापार पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा।  
– संदीप साहनी, अध्यक्ष, उत्तराखंड होटल इंडस्ट्री एसोसिएशन

लॉकडाउन के बाद कुंभ के भव्य आयोजन को लेकर व्यापारियों को काफी उम्मीदें थीं। क्योंकि, कुंभ मेला केवल हरिद्वार के व्यापारियों या लोगों के लिए फायदेमंद नहीं होता, बल्कि यह मेला पूरे उत्तराखंड को आर्थिक रूप से मजबूत करने में सहायक होता है।

यहां आने वाले तीर्थयात्री और पर्यटक हरिद्वार तक ही सीमित नहीं रहते। बल्कि, वह उत्तराखंड के अन्य स्थानों का भी भ्रमण करते हैं, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से जारी एसओपी के बाद कुंभ के भव्य आयोजन को लेकर संशय बन गया है। इसके कारण प्रदेश के व्यापारी मायूस हैं। 

कोविड-19 के बाद से व्यापारियों की आर्थिक हालत सुधरने का नाम नहीं ले रही है। कुंभ के आयोजन से व्यापारी वर्ग को काफी उम्मीदें थी, लेकिन केंद्र सरकार ने जो एसओपी जारी की है, उससे कुंभ के भव्य होने की संभावना कम ही लग रही है। इससे व्यापारी वर्ग को काफी बड़ा नुकसान होगा। 

– नवीन चंद्र वर्मा, अध्यक्ष, प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल 


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एसओपी से कुंभ के भव्य होने की संभावना कम



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